जीवन की सच्चाई
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जीओ शान से कभी भी
अपने आप को अकेला मत समझो
खुदा सबके साथ होतें है
पर लेकिन क्यों कभी कभी हम इतने अकेले हो जाते हैं की खुद को भी नहीं सम्हाल पाते हैं! आखिर इसके पीछे का क्या रहस्य है! इसके पीछे का रहस्य है हमारा आत्मविश्वास और जब तक हम अपने आत्मविश्वास को नकारते रहते हैं तब तक ऐसा ही हमारे साथ होता है! क्यूंकि हमें दुःख होने लगता है की हम आज इतने अकेले क्यों हैं!
मनुष्य इतना दुखी और उदास और अकेला क्यों हो गया है?
आज ही हो गया है ऐसा नहीं है आदमी सदा से दुखी और उदास है हाँ आज दुःख और उदास , दुःख चिंता यह उदासी समझने की समझ भी ज्यादा आ गई है! इंसान है तो सदा से दुखी लेकिन इतना बोध नहीं था! आदमी सदा से दुखी और अकेला था लेकिन उसने अपने दुःख और चिंताओं को छिपाने के लिए सुविधाएं खोज ली है! परमात्मा ने हो भाग्य में दिया है ओ होकर रहेगा! इसलिए जो है, जैसा है, ठीक है फिर चार दिन की जिंदगी है गुजर लो!
सदैव मैं आपके साथ हूँ!"
सदैव मैं आपके साथ हूँ यह ईश्वर का वह शब्द है जो इंसान के अंदर उत्साह का संचार कर देता है! भगवान कहते हैं की कभी भी जीवन में कोई कष्ट आये कितनी भी कठिन परिस्थितियां क्यों ना आ जाये अपने आप को कभी अकेला मत समझो सदैव मैं आपके साथ ही रहता हूँ
हाँ वह बात अलग है की आप कभी कभी मेरे साथ रहते हो लेकिन कभी भी किसी भी छड़ आपको महसूस करना है की मैं तुम्हारे साथ हूँ!
इसलिए जिंदगी में कभी भी खुद को अकेला मत समझो क्योंकि जिंदगी एक पल का मेहमान है और एक पल ऐसा आएगा जब कोई भी साथ ना होगाइसलिए धैर्य रक्खो मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूँ!
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